उत्तराखण्ड
“महिला आरक्षण बिल पर घमासान: मीमांशा आर्य बोलीं—लोकतंत्र पर प्रहार, सरकार की नीयत पर सवाल”
युवा कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव का तीखा हमला, हाथरस-उन्नाव-मणिपुर मामलों का दिया हवाला
हल्द्वानी (नैनीताल) उत्तराखंड। महिला आरक्षण बिल को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। भारतीय युवा कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव मीमांशा आर्य ने केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए इस बिल को “लोकतांत्रिक संरचना पर प्रहार” करार दिया है।
मीमांशा आर्य ने कहा कि अगर सरकार वास्तव में महिलाओं के हित में काम करना चाहती, तो देश को झकझोर देने वाले हाथरस, उन्नाव और मणिपुर जैसे मामलों में ठोस कार्रवाई करती। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की कथनी और करनी में बड़ा अंतर है।
उन्होंने यह भी कहा कि अगर सरकार महिलाओं को मजबूत बनाना चाहती, तो संसद और विधानसभाओं में उन नेताओं पर कार्रवाई करती जिन पर महिला अपराधों के गंभीर आरोप हैं। आर्य के मुताबिक, केवल बिल लाकर महिलाओं के सशक्तिकरण का दावा करना “सिर्फ राजनीतिक दिखावा” है।
हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वर्ष 2023 में लाए गए महिला आरक्षण बिल को विपक्ष का समर्थन मिला है, क्योंकि इसका उद्देश्य देश की हर वर्ग और समाज की महिलाओं को बराबरी की हिस्सेदारी देना है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की दूरदर्शिता का जिक्र करते हुए कहा कि पंचायत चुनावों में महिलाओं को आरक्षण देकर उन्होंने सशक्तिकरण की मजबूत नींव रखी थी।




