उत्तराखण्ड
महिला पर हमले के बाद वन विभाग अलर्ट मोड में — टेढ़ा गांव के पास बढ़ाई गई सशस्त्र गश्त
रामनगर। टेढ़ा गांव के पास रामनगर वन प्रभाग की कोसी रेंज में शनिवार देर शाम एक महिला पर हाथी के हमले के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया है। घटना के बाद वन विभाग अलर्ट मोड में आ गया है और गांव के आसपास सशस्त्र वन कर्मियों की गश्त तेज कर दी गई है। खासतौर पर सुबह और शाम के समय चौकसी बढ़ा दी गई है ताकि किसी और अनहोनी को रोका जा सके।
ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कई दिनों से टेढ़ा गांव एक हाथी के डर से जूझ रहा है। गांव के निवासी बची सिंह और आनंद सिंह ने बताया कि हाथी बार-बार गांव के अंदर घुसकर खेतों में खड़ी फसलों को रौंद रहा है, जिससे किसानों को भारी नुकसान हो रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, जिस हाथी ने शनिवार को महिला पर हमला किया, वही हाथी लगातार गांव के खेतों में उत्पात मचा रहा है।
ग्रामीणों में इस बात को लेकर गुस्सा और डर दोनों साफ दिखाई दे रहा है। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते हाथी को गांव से दूर जंगल की ओर नहीं खदेड़ा गया, तो कोई बड़ी जनहानि हो सकती है। गांव वालों ने वन विभाग से साफ तौर पर मांग की है कि हाथी को आबादी क्षेत्र के नजदीक से हटाकर गहरे जंगल में भेजा जाए।
इधर, वन विभाग की ओर से कोसी रेंजर शेखर तिवारी और डिप्टी रेंजर इंदर लाल अपनी टीम के साथ लगातार क्षेत्र में निगरानी कर रहे हैं। वन कर्मियों द्वारा ग्रामीणों को सतर्क रहने, अकेले खेत या जंगल की ओर न जाने और हाथी की गतिविधि दिखने पर तुरंत सूचना देने की हिदायत दी जा रही है।
फिलहाल टेढ़ा गांव में शांति है, लेकिन हाथी की मौजूदगी से ग्रामीणों की नींद उड़ी हुई है। अब सबकी नजरें वन विभाग की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं कि कब इस हाथी के आतंक से गांव को राहत मिल पाएगी।




