उत्तराखण्ड
दोस्ती, सूखानशा और एक ईंट… रामनगर में दोस्त ही निकला दोस्त का…
दोस्ती, सूखा नशा और एक ईंट… रामनगर में दोस्त ने दोस्त की ले ली जान
रामनगर (नैनीताल)। सूखा नशा जब सिर पर चढ़ता है, तो दोस्ती भी दुश्मनी में बदल जाती है—रामनगर की यह हत्या उसी कड़वी सच्चाई का आईना है। 20 साल के युवक समीर उर्फ लक्की की नहर किनारे खून से सनी लाश मिलने के बाद जो कहानी सामने आई, उसने एक बार फिर नशे की उस लत को कटघरे में खड़ा कर दिया है, जो युवाओं को अपराध की दलदल में धकेल रही है।
15 जनवरी 2026 को कार्बेट कॉलोनी निगम रोड के पास नहर किनारे एक युवक के चित्त अवस्था में पड़े होने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। जांच में मृतक की पहचान समीर उर्फ लक्की, निवासी आदर्श नगर, शंकरपुर भूल, रामनगर के रूप में हुई। मृतक के बड़े भाई रिज़वान की तहरीर पर थाना रामनगर में हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया।
जांच में सामने आया कि घटना वाली रात समीर अपने दो साथियों—नजीर उर्फ रज्जू और आशीष—के साथ सूखा नशा कर रहा था। नशे की हालत में मामूली विवाद इतना बढ़ गया कि दोस्ती हिंसा में बदल गई। झगड़े के दौरान समीर ने नजीर को नहर में धक्का दे दिया। गुस्से और नशे में बेकाबू नजीर ने समीर को नीचे गिराकर आधी ईंट से उसके सिर और चेहरे पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। खून बहता देख वह मौके से भाग निकला।
हत्या के बाद आरोपी ने सबूत मिटाने की कोशिश की—घटना में प्रयुक्त ईंट झाड़ियों में फेंकी गई, खून से सने कपड़े बदलकर कोसी नदी किनारे फेंक दिए गए। जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज और पूछताछ के आधार पर नजीर को गिरफ्तार किया गया। उसकी निशानदेही पर ईंट, कपड़े और जूते बरामद किए गए। वहीं, आशीष पर झगड़े की सूचना पुलिस को न देने के आरोप में अलग से कार्रवाई की गई।
यह मामला किसी “पल की गलती” का नहीं, बल्कि सूखा नशा जैसी घातक लत का नतीजा है—जो युवाओं को हिंसा, अपराध और मौत तक ले जा रही है। सवाल सिर्फ एक हत्या का नहीं है, सवाल उस नशे का है जो दोस्त को दोस्त का कातिल बना रहा है।
रामनगर की यह वारदात चेतावनी है—अगर सूखा नशा यूँ ही युवाओं की ज़िंदगी में जहर घोलता रहा, तो ऐसी खबरें अपवाद नहीं, रोज़मर्रा की हकीकत बनती




