उत्तराखण्ड
“सरकारी काम… और भरोसा प्राइवेट हाथों पर! नैनीताल में दो रजिस्ट्रार कानूनगो पदावनत”
“सरकारी काम… और भरोसा प्राइवेट हाथों पर! नैनीताल में दो रजिस्ट्रार कानूनगो पदावनत”
नैनीताल | 7 मार्च 2026
राजस्व विभाग में सरकारी जिम्मेदारियों को निजी लोगों के भरोसे छोड़ना दो रजिस्ट्रार कानूनगो को भारी पड़ गया। राजस्व अभिलेखों का काम निजी व्यक्तियों से कराए जाने के गंभीर आरोप सिद्ध होने पर जिलाधिकारी नैनीताल ललित मोहन रयाल ने कड़ी कार्रवाई करते हुए दोनों अधिकारियों को पदावनत कर दिया है।
प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार रजिस्ट्रार कानूनगो भूपेश चंद और अर्जुन सिंह बिष्ट पर आरोप था कि उन्होंने अपने पद से जुड़े वैधानिक राजस्व अभिलेखीय कार्य निजी और अनधिकृत व्यक्तियों से कराए। मामले को गंभीर मानते हुए पहले प्रारंभिक जांच कराई गई और इसके बाद विभागीय कार्यवाही शुरू की गई।
जांच अधिकारी ने दस्तावेजी साक्ष्यों, अभिलेखों और संबंधित व्यक्तियों के बयानों के आधार पर पाया कि दोनों कार्मिकों ने राजस्व से जुड़े संवेदनशील कार्यों में निजी व्यक्ति की सहायता ली। जांच प्रतिवेदन में आरोपों को पूरी तरह सिद्ध माना गया।
कारण बताओ नोटिस के जवाब में दोनों अधिकारियों ने यह स्वीकार भी किया कि अधिक कार्यभार और लंबित मामलों के दबाव के कारण उन्होंने निजी व्यक्ति की मदद ली थी। हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया कि कार्यभार किसी भी स्थिति में वैधानिक शक्तियों को निजी हाथों में सौंपने का औचित्य नहीं बन सकता।
प्रशासन के अनुसार राजस्व अभिलेखों से जुड़े कार्यों में निजी व्यक्ति की भागीदारी नियमों के विरुद्ध है और इससे सरकारी अभिलेखों की गोपनीयता तथा विश्वसनीयता पर गंभीर खतरा पैदा होता है। इसे कर्तव्य में घोर लापरवाही और राजकीय शक्तियों के अवैध हस्तांतरण की श्रेणी में माना गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने दोनों कार्मिकों को उनके वर्तमान पद से पदावनत करते हुए निम्न पद और वेतनमान पर तैनात करने का दंड दिया है। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है और इसे उनकी सेवा पुस्तिका में भी दर्ज किया जाएगा।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह विभागीय कार्रवाई किसी अलग आपराधिक या विजिलेंस जांच को प्रभावित नहीं करेगी।




