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उत्तराखण्ड

खटीमा में रंग, राग और रिश्तों की होली… जब मुख्यमंत्री ने कहा – “यह मेरा घर, ये मेरा परिवार”

खटीमा। उत्तराखंड की सांस्कृतिक धड़कनों को रंगों और लोकधुनों में पिरोता एक भव्य नजारा तब देखने को मिला, जब सनातन धर्मशाला रामलीला मैदान में आयोजित होली मिलन समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पहुंचे। मैदान में उमड़ा जनसैलाब, चेहरे पर अबीर-गुलाल और कानों में गूंजती कुमाऊँनी-थारू होली… माहौल ऐसा कि जैसे पूरा खटीमा एक ही रंग में रंग गया हो।

मुख्यमंत्री ने मंच से जैसे ही कहा, “खटीमा मेरा घर है और खटीमावासी मेरा परिवार है,” तो पूरा मैदान तालियों और जयघोष से गूंज उठा। यह संबोधन केवल एक राजनीतिक भाषण नहीं, बल्कि अपने शहर और लोगों के प्रति आत्मीय जुड़ाव का भावनात्मक इजहार बन गया।
समारोह की सबसे खास बात रही मुख्यमंत्री का खुद लोकधुनों में शामिल होना। कुमाऊँनी होली, शास्त्रीय होली और थारू होली के गायन में उन्होंने भाग लेकर साबित कर दिया कि उत्तराखंड की संस्कृति सिर्फ भाषणों में नहीं, बल्कि दिल और व्यवहार में भी जीवित है। रंगों से सराबोर माहौल में जब मुख्यमंत्री ने स्थानीय लोगों के साथ होली खेली, तो कार्यक्रम एक सरकारी आयोजन से आगे बढ़कर जनउत्सव में तब्दील हो गया।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, सद्भाव और भाईचारे का प्रतीक है। उन्होंने उत्तराखंड की लोकसंस्कृति को प्रदेश की असली पहचान बताते हुए कहा कि ऐसे आयोजन हमारी परंपराओं को सहेजने और नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं।
उन्होंने मातृशक्ति को नमन करते हुए महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया और समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को इसी दिशा में उठाया गया अहम कदम बताया। साथ ही खटीमा को ‘मिनी इंडिया’ बताते हुए कहा कि यहां सभी धर्मों और समुदायों के लोग प्रेम और सौहार्द के साथ रहते हैं, जो पूरे देश के लिए एक मिसाल है।
मुख्यमंत्री ने आयोजन समिति की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे सांस्कृतिक महोत्सव समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं और सामाजिक समरसता को मजबूत बनाते हैं। उन्होंने प्रदेश और देश की उन्नति के लिए मिलकर काम करने का आह्वान करते हुए विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में योगदान देने की अपील की।
रंग, राग और रिश्तों से सजी इस होली मिलन में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की भी मौजूदगी रही। जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, मेयर विकास शर्मा, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी, दर्जा मंत्री मंजीत सिंह, पूर्व विधायक डॉ. प्रेम सिंह राणा, जिलाध्यक्ष कमल जिन्दल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति समेत कई गणमान्य लोग समारोह में शामिल हुए।
खटीमा की इस होली ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि उत्तराखंड की असली ताकत उसकी जीवंत लोकसंस्कृति, सामूहिक उत्सव और पारिवारिक भावनाओं में बसती है—जहां रंग सिर्फ चेहरे नहीं, बल्कि दिलों को भी जोड़ते हैं।

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