उत्तराखण्ड
देहरादून में खौफनाक साजिश: पति ने ही पत्नी का गला दबाकर की हत्या, 4 दिन तक कमरे में छिपाकर रखा शव, फिर जंगल में फेंका
देहरादून के प्रेमनगर इलाके में मिले अज्ञात महिला के शव की गुत्थी ने एक बार फिर रिश्तों के भीतर छिपी दरिंदगी को उजागर कर दिया है। जिस महिला की पहचान तक नहीं हो पा रही थी, उसकी हत्या किसी और ने नहीं बल्कि उसके अपने पति ने ही कर दी।
11 मार्च को मांडूवाला रोड स्थित बालासुंदरी मंदिर के पास जंगल में एक सफेद कट्टे में बंद महिला का सड़ा-गला शव मिला था। शव इतना खराब हो चुका था कि पहचान करना मुश्किल हो गया। शुरुआती जांच में ही साफ हो गया था कि महिला की हत्या गला दबाकर की गई है।
जांच के दौरान सामने आया कि मृतका की पहचान रूपा (32) के रूप में हुई, जो मूल रूप से बिहार की रहने वाली थी और कुछ समय पहले ही अपनी 11 महीने की बच्ची के साथ देहरादून आई थी। वह अपने पहले पति रंजीत शर्मा के पास रहने लगी थी, जो पहले से दूसरी शादी कर चुका था।
रिश्तों के इसी उलझे जाल ने आखिरकार खून का रूप ले लिया। जानकारी के मुताबिक, रूपा लगातार रंजीत पर अपनी दूसरी पत्नी को छोड़ने का दबाव बना रही थी। इसी बात को लेकर दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था।
5 मार्च की रात विवाद इतना बढ़ गया कि रंजीत ने गुस्से में आकर रूपा का गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद उसने शव को एक कमरे में छिपा दिया और ऊपर से रजाई डाल दी, ताकि किसी को शक न हो।
हैरानी की बात ये है कि आरोपी ने शव को पूरे 4 दिन तक उसी कमरे में छिपाकर रखा। बाद में 8 मार्च को मौका मिलते ही उसने शव को एक कट्टे में भरा, मोटरसाइकिल पर बांधा और मंदिर के पास जंगल में फेंक आया।
पूरे मामले में चौंकाने वाली बात ये भी रही कि आरोपी को पूरा भरोसा था कि उसकी पत्नी की पहचान नहीं हो पाएगी और वह बच निकलेगा। क्योंकि महिला हाल ही में देहरादून आई थी और इलाके में कोई उसे जानता भी नहीं था।
लेकिन आखिरकार कड़ियां जुड़ती गईं और मामला सामने आ गया। आरोपी रंजीत शर्मा (32), निवासी सहरसा बिहार, को गिरफ्तार कर लिया गया है।
यह घटना सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि उन हालातों की कहानी है जहां रिश्ते, लालच और स्वार्थ मिलकर इंसान को दरिंदा बना देते हैं। देहरादून जैसे शांत शहर में इस तरह की वारदात कई सवाल खड़े करती है—क्या ऐसे अपराधों को रोका जा सकता है, या फिर हर बार सच सामने आने तक बहुत देर हो चुकी होती है?




