उत्तराखण्ड
नाबालिग से बलात्कार के दोषी कुलदीप सेंगर की सजा निलंबित होने पर सड़कों पर उतरी महिलाएं, रामनगर में पुतला दहन
रामनगर। उन्नाव रेप केस के दोषी पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सेंगर की सजा पर हाईकोर्ट द्वारा रोक लगाए जाने और उसे जमानत दिए जाने के फैसले के विरोध में प्रगतिशील महिला एकता केंद्र ने रामनगर के लखनपुर चुंगी पर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कुलदीप सेंगर का पुतला दहन कर उसे तत्काल जेल भेजने की मांग की।
विरोध प्रदर्शन के दौरान आयोजित सभा में वक्ताओं ने कहा कि कुलदीप सेंगर को अदालत द्वारा नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में दोषी ठहराया जा चुका है और ऐसे गंभीर अपराध में दोषसिद्ध व्यक्ति को जमानत मिलना पीड़ित पक्ष की सुरक्षा और न्याय व्यवस्था दोनों पर सवाल खड़े करता है। वक्ताओं के अनुसार, इस फैसले से न सिर्फ पीड़ित परिवार में भय का माहौल बना है, बल्कि समाज को यह संदेश भी जाता है कि सत्ता से जुड़े लोग कानून से ऊपर हैं।
सभा में वक्ताओं ने यह भी कहा कि उन्नाव की रेप पीड़िता हो या उत्तराखंड की अंकिता भंडारी, दोनों मामलों में आरोपियों के सत्ता से कथित संबंध रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक संरक्षण के कारण ऐसे मामलों में न्याय की राह मुश्किल हो जाती है। वक्ताओं ने “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” और “महिला सशक्तिकरण” जैसे नारों को खोखला बताते हुए कहा कि ज़मीनी हकीकत इससे उलट है और महिलाओं की सुरक्षा सबसे बड़ा सवाल बनी हुई है।
प्रदर्शन के दौरान बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से जुड़ी एक सार्वजनिक घटना का भी उल्लेख किया गया, जिसे वक्ताओं ने महिलाओं के सम्मान के खिलाफ बताया और इसकी कड़े शब्दों में निंदा की। वक्ताओं का कहना था कि सत्ता में बैठे लोगों के आचरण और भाषा से समाज में गलत संदेश जाता है।
इस विरोध प्रदर्शन में प्रगतिशील महिला एकता केंद्र की तुलसी छिंवाल, गीता आर्य, सरोज कांडपाल, प्रभा देवी, कमला मठपाल; महिला एकता मंच की कौशल्या चुन्याल; इंकलाबी मज़दूर केंद्र के रोहित रुहेला व भुवन चंद्र; प्रगतिशील जन एकता मंच के लालमणी तथा परिवर्तनकामी छात्र संगठन के रवि कुमार, प्रीति छिम्वाल, इशु कांडपाल और राज सहित अन्य लोग शामिल रहे।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि ऐसे मामलों में दोषियों को राहत मिलती रही तो आंदोलन और तेज किया जाएगा और न्याय की मांग को सड़क से अदालत तक मजबूती से उठाया जाएगा।




