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उत्तराखण्ड

भण्डारपानी गेट पर नेचर गाइडों का फूटा गुस्सा, बोले – “वन विभाग दबाव में चला रहा मनमानी सिस्टम!”

भण्डारपानी गेट पर नेचर गाइडों का फूटा गुस्सा, बोले – “वन विभाग दबाव में चला रहा मनमानी सिस्टम!”

रामनगर। कॉर्बेट से सटे रामनगर वन प्रभाग के भण्डारपानी गेट पर मंगलवार सुबह उस वक्त हलचल मच गई, जब सीतावनी नेचर गाइड एसोसिएशन से जुड़े गाइड सांकेतिक प्रदर्शन के लिए एकजुट हो गए। गाइडों ने वन विभाग पर बिना उचित प्रक्रिया अपनाए बाहरी गेट के नेचर गाइड को भण्डारपानी गेट पर नियुक्त करने का आरोप लगाया और इसे स्थानीय गाइडों के अधिकारों पर सीधा हमला बताया।
सुबह की पहली पाली शुरू होने से पहले हुए इस विरोध प्रदर्शन के दौरान जंगल सफारी के लिए पहुंचे कई सैलानियों ने भी नेचर गाइडों की मांग को जायज बताते हुए वन विभाग से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की। पर्यटकों का कहना था कि स्थानीय लोगों को नजरअंदाज कर दूसरे क्षेत्रों के गाइडों को यहां तैनात करना गलत है और इससे वर्षों से काम कर रहे गाइडों के रोजगार पर असर पड़ेगा।
नेचर गाइड एसोसिएशन द्वारा वन विभाग को सौंपे गए पत्र में कहा गया है कि बिना किसी उचित प्रक्रिया के एक अन्य गेट के नेचर गाइड को भण्डारपानी गेट पर नियुक्त कर दिया गया, जिसका यहां कार्यरत गाइड लगातार विरोध कर रहे हैं। एसोसिएशन का दावा है कि इस संबंध में 7 मई 2026 को उप प्रभागीय वनाधिकारी रामनगर को लिखित शिकायत दी गई थी, जबकि 11 मई 2026 को भी प्रभागीय वनाधिकारी रामनगर और वन क्षेत्राधिकारी कोटा रेंज को आपत्ति दर्ज कराई गई थी।
इसके बावजूद जब कोई समाधान नहीं निकला तो गाइडों ने सांकेतिक प्रदर्शन का रास्ता चुना। हालांकि प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा कि उनका उद्देश्य पर्यटकों को परेशान करना नहीं है। इसी वजह से विरोध केवल आधे घंटे तक सीमित रखा गया ताकि सफारी संचालन प्रभावित न हो।
पत्र में यह भी चेतावनी दी गई है कि यदि वन विभाग ने जल्द उचित संज्ञान नहीं लिया और “दबाव में हटधर्मिता” दिखाई गई तो आंदोलन को और बड़ा किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी वन विभाग की होगी।
कॉर्बेट और आसपास के जंगलों में पर्यटन सीजन के दौरान नेचर गाइडों की भूमिका बेहद अहम मानी जाती है। ऐसे में अब सवाल यह उठ रहा है कि आखिर किस आधार पर दूसरे गेट के गाइडों को यहां तैनाती दी गई? और यदि स्थानीय गाइडों की आपत्ति पहले से विभाग के पास थी, तो उस पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
भण्डारपानी गेट पर उठी यह चिंगारी आने वाले दिनों में बड़ा विवाद बन सकती है। फिलहाल स्थानीय गाइड वन विभाग से पारदर्शी और निष्पक्ष व्यवस्था की मांग कर रहे हैं।

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