उत्तराखण्ड
यूट्यूब पर नया साइबर जाल: म्यूजिक वीडियो पर फर्जी कॉपीराइट स्ट्राइक लगाकर उगाही का खेल, SSP से शिकायत
यूट्यूब पर नया साइबर जाल: म्यूजिक वीडियो पर फर्जी कॉपीराइट स्ट्राइक लगाकर उगाही का खेल, SSP से शिकायत
रामनगर/नैनीताल:
डिजिटल दुनिया में अब अपराधियों ने नया हथियार ढूंढ लिया है — यूट्यूब कॉपीराइट स्ट्राइक सिस्टम. ताज़ा मामले में RS RISING म्यूजिक लेबल से जुड़े पंकज रावत ने एसएसपी नैनीताल को शिकायत भेजकर खुलासा किया है कि कैसे एक शातिर ने गाने पर फर्जी कॉपीराइट स्ट्राइक लगाकर ₹10,000 की उगाही की कोशिश की।
शिकायत के मुताबिक, 31 जनवरी को रिलीज हुए एक कुमाऊँनी गाने के बाद एक व्यक्ति ने ईमेल भेजकर दावा किया कि उसने वीडियो पर कॉपीराइट स्ट्राइक लगाई है। इसके बदले उसने बैंक अकाउंट में पैसे जमा करने की मांग की और धमकी दी कि भुगतान नहीं हुआ तो और स्ट्राइक डालकर यूट्यूब चैनल बंद करवा देगा।
साफ है — यह सिर्फ एक केस नहीं, बल्कि यूट्यूब क्रिएटर्स और म्यूजिक लेबल्स को निशाना बनाने वाला नया साइबर स्कैम है।
कैसे काम करता है यह फर्जी कॉपीराइट स्ट्राइक स्कैम?
वीडियो अपलोड होते ही निशाना – स्कैमर्स नए गाने, ट्रेलर या वायरल वीडियो खोजते हैं।
फर्जी दावा – वे खुद को कॉपीराइट मालिक बताकर स्ट्राइक/क्लेम डाल देते हैं।
डर का खेल – “3 स्ट्राइक = चैनल खत्म” का डर दिखाया जाता है।
सीधी डील की पेशकश – “पैसे दो, स्ट्राइक हटेगी।”
कोई कानूनी दस्तावेज नहीं – सिर्फ ईमेल, धमकी और बैंक डिटेल।
यह पूरा खेल डर और अज्ञानता पर टिका है।
क्यों खतरनाक है यह ट्रेंड?
छोटे यूट्यूबर्स और लोकल म्यूजिक आर्टिस्ट सबसे ज्यादा शिकार
चैनल डिलीट होने का खतरा
असली कलाकारों की कमाई पर हमला
यूट्यूब सिस्टम का दुरुपयोग
यह डिजिटल जमाने की नई किस्म की रंगदारी है — “ऑनलाइन माफिया स्टाइल”।
क्रिएटर्स क्या करें?
✔ हर गाने का कॉपीराइट रजिस्ट्रेशन और दस्तावेज रखें
✔ यूट्यूब पर Counter Notification का सही इस्तेमाल करें
✔ किसी अंजान ईमेल पर पैसा न दें
✔ सीधे साइबर सेल में शिकायत करें
✔ धमकी वाले मेल और स्क्रीनशॉट सबूत रखें
बड़ा सवाल
यूट्यूब ने कॉपीराइट सुरक्षा के लिए सिस्टम बनाया था, लेकिन अब वही सिस्टम ठगों के लिए उगाही का टूल बन रहा है। जरूरत है कि प्लेटफॉर्म ऐसे फर्जी दावों पर सख्ती करे और सत्यापन प्रक्रिया मजबूत करे।
यह मामला सिर्फ एक शिकायत नहीं, बल्कि एक चेतावनी है
अब कॉपीराइट स्ट्राइक सिर्फ नियम नहीं, बल्कि अपराधियों के हाथ में “डिजिटल हथियार” बन चुकी है।
अगर आप भी यूट्यूबर या म्यूजिक क्रिएटर हैं, तो सावधान रहिए… अगला निशाना आपका चैनल भी हो सकता है।




