उत्तराखण्ड
देवभूमि की परंपराओं को नई पहचान: मुख्यमंत्री धामी ने किया पंचांग कैलेंडर का भव्य विमोचन
देवभूमि की परंपराओं को नई पहचान: मुख्यमंत्री धामी ने किया पंचांग कैलेंडर का भव्य विमोचन
देहरादून। हिन्दू नववर्ष के शुभ अवसर पर उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत को सहेजने की दिशा में एक अहम पहल करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में सूचना एवं लोक संपर्क विभाग द्वारा प्रकाशित पंचांग कैलेंडर का विधिवत विमोचन किया। पहली बार प्रकाशित इस पंचांग कैलेंडर को राज्य की सनातन परंपराओं और धार्मिक आस्थाओं को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास बताया जा रहा है।
मुख्यमंत्री धामी ने इस अवसर पर कहा कि देवभूमि उत्तराखंड अपनी समृद्ध धार्मिक परंपराओं, सांस्कृतिक मूल्यों और आस्था के लिए देश-विदेश में विशेष पहचान रखता है। यहां की परंपराएं केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह लोगों की जीवनशैली और सामाजिक ढांचे का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। ऐसे में इस पंचांग कैलेंडर का प्रकाशन नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम बनेगा।
उन्होंने कहा कि यह कैलेंडर केवल तिथि और वार बताने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें पर्व, व्रत, मास, पक्ष और विशेष अवसरों की विस्तृत जानकारी भी दी गई है। इससे लोगों को अपनी परंपराओं को समझने और उन्हें अपनाने में मदद मिलेगी। साथ ही, इसमें उत्तराखंड के प्रमुख धार्मिक स्थलों को भी शामिल किया गया है, जो राज्य की आध्यात्मिक और ऐतिहासिक पहचान को दर्शाते हैं।
मुख्यमंत्री ने सूचना एवं लोक संपर्क विभाग की इस पहल की सराहना करते हुए उम्मीद जताई कि यह पंचांग कैलेंडर राज्य के लोगों के लिए उपयोगी साबित होगा और भविष्य में इसे और अधिक समृद्ध स्वरूप में प्रस्तुत किया जाएगा।
इस दौरान सचिव विनय शंकर पांडेय, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।




