उत्तराखण्ड
रात में ‘स्टूडेंट’ नहीं, ‘सड़क गैंग’! देहरादून में हुड़दंग पर सख्त वार—कॉलेज से निष्कासन तक की चेतावनी
देहरादून। पढ़ाई के नाम पर शहर में रातभर घूमने और हुड़दंग मचाने वाले युवकों के खिलाफ अब सख्ती तय हो गई है। एसएसपी देहरादून ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि विश्वविद्यालय और कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्र अगर देर रात अनावश्यक रूप से समूह बनाकर घूमते, उत्पात मचाते या किसी भी तरह के अपराध में लिप्त पाए गए, तो उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस का कहना है कि “स्टूडेंट” का टैग अब ढाल नहीं बनेगा। अगर कोई छात्र रात में सड़कों पर हुड़दंग करता पकड़ा गया, तो सिर्फ मुकदमा ही नहीं दर्ज होगा, बल्कि संबंधित कॉलेज या विश्वविद्यालय को भी पत्र भेजकर निष्कासन (रस्टिकेशन) की कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाएगी।
‘स्टूडेंट लाइफ’ के नाम पर मनमानी नहीं
शहर में लगातार मिल रही शिकायतों—रात में तेज रफ्तार, शोर-शराबा, ग्रुप में घूमकर डर का माहौल बनाने—के बाद यह सख्त रुख अपनाया गया है। पुलिस का साफ संदेश है कि पढ़ाई के नाम पर कानून तोड़ने की छूट किसी को नहीं मिलेगी।
सवाल भी खड़े होते हैं…
हालांकि इस सख्ती के साथ एक बड़ा सवाल भी खड़ा होता है—क्या सिर्फ चेतावनी और कार्रवाई से हालात बदलेंगे, या कॉलेज प्रशासन और अभिभावकों की जिम्मेदारी भी तय होगी? क्योंकि अगर छात्र रात में सड़कों पर हैं, तो सिस्टम की निगरानी भी उतनी ही जरूरी है।
अब क्या होगा आगे?
रात में गश्त बढ़ेगी
संदिग्ध ग्रुप्स की चेकिंग होगी
कॉलेज प्रशासन को सीधे रिपोर्ट भेजी जाएगी
अपराध में लिप्त छात्रों पर केस + निष्कासन की कार्रवाई
संदेश साफ है—पढ़ाई करो, सड़कों पर दबंगई नहीं। वरना अब पुलिस भी सख्त है और कॉलेज के दरवाजे भी बंद हो सकते हैं।




