उत्तराखण्ड
महिला दिवस पर महिलाओं की दो टूक: न घर में सुरक्षित, न बाहर… युद्ध और शोषण के खिलाफ उठी आवाज
रामनगर। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महिला मंच एकता मंच द्वारा ग्राम पूछड़ी, रामनगर में युद्ध विरोधी सभा का आयोजन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में महिलाओं ने एकजुट होकर ईरान पर इजरायल और अमेरिका द्वारा किए गए हमले को मानवता पर हमला बताते हुए इसके खिलाफ दुनिया भर की जनता से एकजुट होने की अपील की।
सभा को संबोधित करते हुए सरस्वती जोशी ने महिलाओं को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि आज भी महिलाएं न तो घर के भीतर सुरक्षित हैं और न ही घर के बाहर। देश में 70 प्रतिशत से अधिक महिलाएं घरेलू हिंसा का सामना कर रही हैं, जबकि कामकाजी महिलाओं को पुरुषों के मुकाबले कम वेतन दिया जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार भी महिलाओं के शोषण में पीछे नहीं है और भोजन माता, आंगनबाड़ी व आशा वर्करों को न्यूनतम वेतन और सामाजिक सुरक्षा देने के लिए तैयार नहीं है।
समाजवादी लोक मंच के संयोजक मुनीष कुमार ने कहा कि अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किया गया हमला परमाणु हथियारों को रोकने के लिए नहीं, बल्कि वहां मौजूद कच्चे तेल और प्राकृतिक संसाधनों पर कब्जा करने की रणनीति है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2003 में भी अमेरिका ने इराक पर मानव विनाशक हथियारों का आरोप लगाकर हमला किया था और बाद में वहां के राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन को फांसी दे दी गई।
उन्होंने अमेरिका की विदेश नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि पिछले 25 वर्षों में अमेरिका के हमलों में करीब 10 लाख लोगों की मौत हो चुकी है। जो भी देश उसके आर्थिक हितों और मुनाफे में बाधा बनता है, वह उसके खिलाफ खड़ा हो जाता है।
मुनीष कुमार ने भारत सरकार की अमेरिका के साथ हुई ट्रेड डील पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि किसी भी देश द्वारा भारत को रूस से तेल खरीदने या न खरीदने के लिए निर्देश देना देश की संप्रभुता के साथ खिलवाड़ है।
सभा में वक्ताओं ने कहा कि जब तक दुनिया में पूंजीवाद और साम्राज्यवादी लूट जारी रहेगी, तब तक युद्ध होते रहेंगे और निर्दोष लोग अपनी जान गंवाते रहेंगे। इन युद्धों को रोकने के लिए दुनिया भर की मेहनतकश जनता को एकजुट होकर ऐसी लुटेरी नीतियों के खिलाफ आवाज उठानी होगी।
कौशल्या ने कहा कि भारत में भी गरीब और मेहनतकश जनता कई बार अपने ही चुनी हुई सरकार की नीतियों का खामियाजा भुगत रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीते 7 दिसंबर को भाजपा सरकार ने बुलडोजर कार्रवाई कर सैकड़ों लोगों को बेघर कर दिया।
सभा में वक्ताओं ने जानकारी दी कि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पखवाड़े के तहत 11 मार्च को मालधन चंद्रनगर नंबर-1 में भी सुबह 11 बजे युद्ध विरोधी सभा आयोजित की जाएगी।
इस मौके पर अनुकृति, गिरीश चंद्र, माया नेगी, विद्यावती शाह, अनिता सैनी, तृषा मेहता, किरण आर्या, रमेश आर्य और ऊर्बादत नैनवाल ने भी सभा को संबोधित किया। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने क्रांतिकारी गीत भी प्रस्तुत किए।




