उत्तराखण्ड
हल्द्वानी मंडी में डबल मर्डर से दहशत: पत्थर से सिर कुचलकर युवक-युवती की हत्या, कानून व्यवस्था पर उठे तीखे सवाल
हल्द्वानी (नैनीताल) — शहर के व्यस्त और संवेदनशील इलाकों में से एक माने जाने वाले मंडी परिसर में गुरुवार उस वक्त सनसनी फैल गई जब यहां एक युवक और एक युवती के शव बरामद हुए। दोनों की पहचान अल्मोड़ा निवासी शुभम और नैनीताल निवासी लक्ष्मी के रूप में हुई है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि दोनों की बेरहमी से हत्या की गई — उनके सिर पत्थरों से कुचल दिए गए थे।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आसपास के इलाके को सील कर फॉरेंसिक टीम से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। मंडी परिसर जैसे भीड़भाड़ वाले इलाके में इस तरह की वारदात ने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है।
सुरक्षा पर सवाल: आखिर मंडी में क्या कर रही थी ड्यूटी?
इस जघन्य दोहरे हत्याकांड ने सीधे तौर पर पुलिस और मंडी प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विधायक सुमित हृदयेश ने घटना पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हल्द्वानी में कानून व्यवस्था लगातार बिगड़ती जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी वे पुलिस अधिकारियों से जनता की सुरक्षा को लेकर बात करते हैं, तो अधिकारी उनकी बात पूरी सुने बिना ही ‘ज्ञान’ देने लगते हैं।
हृदयेश ने मंडी परिसर में तैनात सुरक्षा कर्मियों की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि आखिर वहां तैनात सुरक्षाकर्मी कर क्या रहे थे? क्या उनकी ड्यूटी सिर्फ वसूली तक सीमित रह गई है? अगर मंडी में सुरक्षा तंत्र सक्रिय होता, तो क्या इतनी बड़ी वारदात हो सकती थी?
सीसीटीवी का अभाव बना बड़ा सवाल
सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतने संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले मंडी क्षेत्र में अब तक सीसीटीवी कैमरे क्यों नहीं लगाए गए? विधायक ने कहा कि अगर मंडी में सीसीटीवी कैमरे होते, तो हत्यारों की पहचान और गिरफ्तारी में आसानी होती। इस लापरवाही ने न केवल अपराधियों के हौसले बुलंद किए, बल्कि आम जनता की सुरक्षा को भी खतरे में डाल दिया है।
पुलिस जांच में जुटी, हत्यारों की तलाश तेज
पुलिस का कहना है कि हत्या के पीछे के कारणों की जांच हर एंगल से की जा रही है — चाहे वह प्रेम प्रसंग हो, आपसी रंजिश या फिर कोई और साजिश। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है और संभावित आरोपियों की तलाश में टीमें गठित कर दी गई हैं।
लेकिन सवाल वही है — जब शहर के बीचोंबीच, मंडी जैसे इलाके में इस तरह की खौफनाक वारदात हो सकती है, तो आम नागरिक खुद को कितना सुरक्षित महसूस करें?
हल्द्वानी मंडी का यह डबल मर्डर अब सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि सिस्टम की लापरवाही और कमजोर सुरक्षा का बड़ा आईना बन गया है।




