उत्तराखण्ड
“जुआ होटल में, पुलिस सोई चौकी में” — SSP का डंडा चला, पूरी चौकी सस्पेंड
देहरादून से एक ऐसी खबर सामने आई है, जो सिर्फ जुए के अड्डे का खुलासा नहीं करती, बल्कि पुलिस सिस्टम की सुस्ती पर भी सीधा तमाचा है। ऋषिकेश के एक होटल में रात के अंधेरे में जुए की महफिल सजी रही, और जिम्मेदार चौकी… मानो गहरी नींद में थी।
मामला कोतवाली ऋषिकेश क्षेत्र का है, जहां हरिद्वार रोड स्थित मुर्गी फार्म के पास होटल नवरंग में बड़े स्तर पर जुआ खेले जाने की गोपनीय सूचना मिली। सूचना मिलते ही SSP देहरादून ने तत्काल एक्शन लिया और क्षेत्राधिकारी ऋषिकेश को छापेमारी के निर्देश दिए।
होटल में जुआ, शराब और भीड़… सब कुछ मिला
पुलिस टीम ने जब होटल पर दबिश दी, तो अंदर का नजारा चौंकाने वाला था। मौके से जुआ सामग्री, भारी मात्रा में नकदी, अलग-अलग ब्रांड की शराब की बोतलें और बड़ी संख्या में लोग जुआ खेलते हुए पकड़े गए। साफ था कि ये कोई छोटा-मोटा खेल नहीं, बल्कि एक संगठित जुआ पार्टी चल रही थी।
अब सवाल पुलिस पर — चौकी क्या कर रही थी?
सबसे बड़ा सवाल यही उठा कि जब इलाके में इतना बड़ा जुआ चल रहा था, तो स्थानीय चौकी को भनक तक क्यों नहीं लगी? या फिर जानबूझकर आंखें मूंदी गईं?
SSP देहरादून ने इसी लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए बड़ा कदम उठाया। आईडीपीएल चौकी पर तैनात पूरे स्टाफ को एक झटके में सस्पेंड कर दिया गया।
12 पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज
इस कार्रवाई में चौकी प्रभारी समेत कुल 12 पुलिसकर्मी निलंबित किए गए हैं। वजह साफ बताई गई — चेकिंग अभियान में शिथिलता और अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाने में पूरी तरह नाकामी।
संदेश साफ है… लेकिन सवाल बाकी हैं
इस कार्रवाई से एक संदेश जरूर गया है कि लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं होगी। लेकिन बड़ा सवाल अब भी खड़ा है —
क्या सिर्फ सस्पेंशन से सिस्टम सुधरेगा?
या फिर ऐसे “होटल नवरंग” आगे भी बेखौफ चलते रहेंगे?
देहरादून पुलिस की इस सर्जिकल कार्रवाई ने जहां एक तरफ जुए के अड्डे का पर्दाफाश किया, वहीं दूसरी तरफ अपनी ही व्यवस्था की पोल भी खोल दी है।




