उत्तराखण्ड
वन ग्रामों की पदयात्रा पर सियासत तेज, भाजपा ने हरीश रावत से पूछा—45 साल में क्या किया?
वन ग्रामों की पदयात्रा पर सियासत तेज, भाजपा ने हरीश रावत से पूछा—45 साल में क्या किया?
रामनगर।
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की वन ग्रामों को लेकर की जा रही पदयात्रा पर अब राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा जिला उपाध्यक्ष गणेश रावत ने पदयात्रा को लेकर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वन ग्रामों के मुद्दे पर कांग्रेस केवल राजनीति कर रही है, जबकि वास्तविक काम भाजपा सरकार के कार्यकाल में हुआ है।
गणेश रावत ने कहा कि भाजपा सरकार के दौरान ही रामनगर क्षेत्र के टोंगिया वन ग्राम लेटी, चोपड़ा और रामपुर को राजस्व ग्राम का दर्जा दिया गया। हाल ही में संपन्न पंचायत चुनावों के बाद इन गांवों में पंचायतों का गठन भी हो चुका है, जिससे स्थानीय लोगों को प्रशासनिक अधिकार और सुविधाएं मिलने का रास्ता साफ हुआ है।
उन्होंने बताया कि हाल ही में रामनगर दौरे पर आए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी वन ग्रामों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की घोषणा की है और इस दिशा में काम भी शुरू कर दिया गया है। इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर कई वन ग्रामों में हजारों परिवारों को सौभाग्य योजना के तहत सोलर बिजली से रोशन किया गया है।
भाजपा नेता ने सवाल उठाते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को अपने लगभग 45 साल के लंबे राजनीतिक जीवन का भी हिसाब देना चाहिए कि उन्होंने वन ग्रामों के लिए क्या ठोस काम किए।
उन्होंने आरोप लगाया कि हरीश रावत अपनी राजनीतिक जमीन तलाशने के लिए वन ग्रामों का मुद्दा उठा रहे हैं, जबकि वास्तविकता यह है कि भाजपा सरकार ही वन ग्रामवासियों की समस्याओं को समझते हुए उनके स्थायी समाधान की दिशा में काम कर रही है।
गणेश रावत ने कहा कि वन ग्रामों के विकास को लेकर भाजपा सरकार प्रतिबद्ध है और आने वाले समय में इन क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जाएगा।




