उत्तराखण्ड
देहरादून में दिनदहाड़े सनसनी: गैस एजेंसी मालिक अर्जुन शर्मा की गोली मारकर हत्या
देहरादून में दिनदहाड़े सनसनी: गैस एजेंसी मालिक अर्जुन शर्मा की गोली मारकर हत्या
देहरादून शहर एक बार फिर बेखौफ बदमाशों की गोलियों से दहल उठा। राजधानी के पॉश इलाके तिब्बती मार्केट के पास दिनदहाड़े हुई फायरिंग की घटना ने कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सुबह करीब 10:30 बजे कोतवाली डालनवाला पुलिस को सूचना मिली कि एक व्यक्ति को अज्ञात हमलावरों ने गोली मार दी है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और घायल को तत्काल अस्पताल भिजवाया गया, लेकिन इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मृतक की पहचान अर्जुन शर्मा निवासी इंदिरा नगर, थाना बसंत विहार, देहरादून के रूप में हुई है। अर्जुन शर्मा जीएमएस रोड स्थित अमरदीप गैस एजेंसी के स्वामी बताए जा रहे हैं। शहर के व्यावसायिक क्षेत्र से जुड़े व्यक्ति की इस तरह खुलेआम हत्या ने स्थानीय व्यापारियों में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस के उच्च अधिकारी भी मौके पर पहुँचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। प्रारंभिक जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वे इस हत्याकांड को और उलझा रहे हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, मृतक का अपने पारिवारिक व्यवसाय को लेकर परिवार में विवाद चल रहा था। इतना ही नहीं, इस विवाद के चलते मृतक की माता द्वारा उच्च न्यायालय से अपने ही बेटे से जान का खतरा बताते हुए सुरक्षा लेने की बात भी सामने आई है। यह खुलासा मामले को महज एक आपराधिक वारदात से आगे बढ़ाकर पारिवारिक रंजिश की दिशा में ले जा रहा है।
प्रत्यक्षदर्शियों और शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि स्कूटी सवार दो हमलावरों ने इस वारदात को अंजाम दिया। बदमाश घटना के बाद मौके से फरार हो गए। दिनदहाड़े व्यस्त इलाके में इस तरह की वारदात ने पुलिस की गश्त और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
घटना के बाद पूरे जिले में सघन चेकिंग अभियान शुरू कर दिया गया है। अलग-अलग टीमें गठित कर हमलावरों की तलाश की जा रही है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और संदिग्धों की पहचान करने की कोशिश जारी है। पुलिस का कहना है कि सभी संभावित एंगल—पारिवारिक विवाद, व्यवसायिक रंजिश और अन्य कारणों—पर गहराई से जांच की जा रही है।
शहर के बीचोंबीच हुई इस हत्या ने साफ कर दिया है कि अपराधी बेखौफ हैं और उन्हें कानून का डर नहीं रह गया है। अब देखना यह होगा कि पुलिस इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा कितनी जल्दी कर पाती है और आरोपियों को कब तक सलाखों के पीछे पहुँचाया जाता है। फिलहाल देहरादून दहशत में है और लोग अपने ही शहर में खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।




