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उत्तराखण्ड

सुद्धोवाला जेल से चले मौत के खेल का पर्दाफाश: गैंगस्टर-व शूटर्स की साजिश में डैक्कन वैली हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा, मुख्य साजिशकर्ता बिहार से गिरफ्तार

सुद्धोवाला जेल से चले मौत के खेल का पर्दाफाश: गैंगस्टर-व शूटर्स की साजिश में डैक्कन वैली हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा, मुख्य साजिशकर्ता बिहार से गिरफ्तार
■ जेल में बैठकर हुई हत्या की प्लानिंग, फर्जी आईडी पर शूटर्स ठहराए गए पड़ोस में
■ रेकी के बाद मारी गई गोलियां, डीजीपी ने टिहरी पुलिस को ₹50,000 से किया सम्मानित

देहरादून/टिहरी।
उत्तराखंड की सुद्धोवाला जेल से संचालित एक संगठित अपराध ने प्रदेश को हिलाकर रख दिया है। टिहरी गढ़वाल के तपोवन स्थित डैक्कन वैली में हाईड आउट कैफे के संचालक नितिन देव की गोली मारकर की गई हत्या के पीछे की साजिश का पर्दाफाश हुआ है, और इसका खुलासा जितना खौफनाक है, उतना ही चौंकाने वाला भी।

जेल से चला मौत का आदेश, गैंगस्टर-शूटरों की साजिश
7 मई को हुई इस सनसनीखेज हत्या की जांच में सामने आया कि यह कोई आम आपराधिक वारदात नहीं थी, बल्कि देहरादून की सुद्धोवाला जेल से रची गई एक योजनाबद्ध साजिश थी। नितिन देव ने जिस बलात्कार और पोक्सो केस में कड़ा विरोध किया था, उसका आरोपी विपिन नैय्यर जेल में बंद था। वहीं उसकी मुलाकात कुख्यात अपराधी रामवीर सिंह से हुई, जिसने उसे बिहार के पेशेवर अपराधी बिमलेश उर्फ विकास से मिलवाया।

फर्जी आईडी पर फ्लैट, पड़ोस में ठहरे शूटर
जेल से जमानत पर बाहर निकलते ही विपिन ने इस खौनी प्लान को जमीन पर उतारने की ठान ली। दिल्ली और ऋषिकेश में बिमलेश से कई मुलाकातों के बाद, उसने दो शूटरों को नितिन देव के पड़ोस में फर्जी आईडी पर फ्लैट दिलवाया। कई दिन तक रेकी हुई और फिर स्कूटी सवार बदमाशों ने नितिन को दिनदहाड़े गोलियों से छलनी कर दिया।

16 मई को साजिशकर्ता बिहार से दबोचा गया
टिहरी पुलिस की 6 विशेष टीमों ने तकनीकी इन्वेस्टिगेशन, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल सर्विलांस और बैंकिंग ट्रांजेक्शन जैसे आधुनिक तरीकों से तफ्तीश को आगे बढ़ाया और अंततः 16 मई को हत्या की पूरी साजिश रचने वाले बिमलेश उर्फ विकास को बिहार से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने सुपारी कनेक्शन, जेल से हुई प्लानिंग और अन्य सहयोगियों की भूमिका की पुष्टि कर दी है।

डीजीपी ने टिहरी पुलिस को किया सम्मानित
टिहरी पुलिस की इस तेजतर्रार कार्रवाई और बहुआयामी विवेचना को पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने सराहते हुए ₹50,000 के नकद पुरस्कार की घोषणा की है। साथ ही फरार शूटरों और अन्य आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के निर्देश भी दिए गए हैं।

जेलों से ऑपरेट हो रहे गैंग – एक बड़ा सवाल
इस हत्याकांड ने एक बार फिर राज्य की जेलों की सुरक्षा और मॉनिटरिंग पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जब जेल के भीतर से अपराधी सुपारी दिलवा रहे हों, शूटर्स की व्यवस्था कर रहे हों और निर्दोषों की हत्या करा रहे हों – तो फिर आम नागरिक खुद को कैसे सुरक्षित समझे?

सवाल सिर्फ एक मर्डर का नहीं – सिस्टम की कमजोरी का भी है
इस खुलासे ने उत्तराखंड की कानून व्यवस्था और जेल प्रशासन को आईना दिखा दिया है। अब सवाल यह है कि जेल के भीतर बैठे अपराधी कब तक सुरक्षित रहेंगे, और क्या शासन-प्रशासन उनकी साजिशों पर लगाम लगा पाएगा?

“नितिन देव को न्याय दिलाने का ये पहला कदम है, पर आखिरी नहीं। असली न्याय तब होगा जब ऐसे गैंगस्टरों और उन्हें पनाह देने वाली व्यवस्था पर भी कानून की गोली चले।”

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