उत्तराखण्ड
देहरादून: सिल्वर सिटी मॉल के जिम में दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या, 15 दिन में पांचवीं वारदात
देहरादून: सिल्वर सिटी मॉल के जिम में दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या, 15 दिन में पांचवीं वारदात
देहरादून। राजधानी देहरादून अब सुरक्षित शहर नहीं, बल्कि अपराधियों के लिए खुला मैदान बनती जा रही है। शुक्रवार को शहर के व्यस्त सिल्वर सिटी मॉल में दिनदहाड़े गोली मारकर एक व्यक्ति की हत्या कर दी गई। मॉल के जिम में वर्कआउट करने आए विक्रम शर्मा नामक व्यक्ति को हमलावरों ने निशाना बनाया और गोलियों से छलनी कर मौके पर ही मौत के घाट उतार दिया। घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि राजधानी में अपराधियों के हौसले किस कदर बुलंद हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बाइक सवार हमलावर मॉल तक पहुंचे। एक आरोपी बाइक पर ही बाहर खड़ा रहा, जबकि दो युवक बेखौफ तरीके से मॉल के अंदर दाखिल हुए और सीधे जिम में पहुंचे। वहां मौजूद विक्रम शर्मा पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी गई। गोलियों की आवाज से मॉल में अफरा-तफरी मच गई और हमलावर आराम से मौके से फरार हो गए। यह पूरी वारदात ऐसे अंजाम दी गई मानो शहर में कानून नाम की कोई चीज बची ही न हो।
प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि मृतक विक्रम शर्मा का झारखंड में कारोबारी गतिविधियों के साथ आपराधिक इतिहास भी रहा है। उस पर हत्या सहित कई संगीन मुकदमे दर्ज बताए जा रहे हैं। उत्तराखंड में ऊधम सिंह नगर के बाजपुर में उसका स्टोन क्रेशर भी संचालित था, जहां पार्टनरशिप को लेकर विवाद चल रहा था। पुलिस इस हत्याकांड को आपसी रंजिश का नतीजा मानकर जांच की बात कर रही है, लेकिन सवाल यह है कि राजधानी के बीचोंबीच मॉल में घुसकर हत्या कर देना आखिर किस तरह की सुरक्षा व्यवस्था को दर्शाता है?
चौंकाने वाली बात यह है कि बीते मात्र 15 दिनों में देहरादून में यह पांचवीं हत्या है। लगातार हो रही हत्याओं ने शहर की कानून-व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। अपराधी खुलेआम गोली चला रहे हैं और शहर के भीड़भाड़ वाले इलाकों को भी नहीं छोड़ रहे। इससे साफ है कि बदमाशों में न पुलिस का डर है और न कानून का खौफ।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि राजधानी की सड़कों और मॉल तक में जब लोग सुरक्षित नहीं हैं, तो आम नागरिक आखिर खुद को कहां सुरक्षित महसूस करे? क्या देहरादून धीरे-धीरे अपराधियों का नया ठिकाना बनता जा रहा है? लगातार हो रही वारदातें सरकार और प्रशासन दोनों के दावों पर बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर रही हैं।




