उत्तराखण्ड
सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पहले बनभूलपुरा में सख्त घेराबंदी, चप्पे-चप्पे पर पहरा — बिना पहचान पत्र कोर एरिया में एंट्री बंद
हल्द्वानी के संवेदनशील बनभूलपुरा क्षेत्र में रेलवे भूमि अतिक्रमण मामले पर 24 फरवरी को होने वाली सुनवाई से पहले माहौल पूरी तरह सुरक्षा के घेरे में है। फैसले से पहले ही प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है और पूरे इलाके में भारी बंदोबस्त कर दिए गए हैं।
सूत्रों के अनुसार, बनभूलपुरा के कोर इलाकों में बिना वैध पहचान पत्र के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। वहीं, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए प्रीवेंटिव डिटेंशन की कार्यवाही भी लगातार जारी है।
फ्लैग मार्च से दिया गया सख्त संकेत
संवेदनशील पॉकेट्स—रेलवे स्टेशन, इन्द्रानगर, मुजाहिद चौक, ताज मस्जिद, गांधी नगर, लाइन नंबर 8, चोरगलिया रोड और ताज चौराहा—में फ्लैग मार्च निकालकर साफ संदेश दिया गया कि फैसले के बाद किसी भी तरह की अराजकता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इलाके में ड्रोन यूनिट, टियर गैस, फायर यूनिट और पीएसी के साथ बड़े स्तर पर फोर्स की तैनाती कर दी गई है। प्रमुख चौराहों और गलियों में लगातार चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है, जिससे पूरे क्षेत्र में कड़ी निगरानी का माहौल है।
सोशल मीडिया पर भी कड़ी नजर
कानून व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने साफ संकेत दिए हैं कि अफवाह फैलाने या भड़काऊ पोस्ट करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर भी निगरानी बढ़ा दी गई है, ताकि किसी भी तरह की उकसाने वाली सामग्री तुरंत चिन्हित की जा सके।
फैसले से पहले तनाव, प्रशासन अलर्ट मोड में
बनभूलपुरा का यह मामला पहले भी संवेदनशील रहा है, ऐसे में सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पहले ही पूरे इलाके में एरिया डोमिनेशन की रणनीति अपनाई गई है। भारी बंदोबस्त और लगातार चेकिंग से साफ है कि प्रशासन किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पहले से तैयार है।
अब निगाहें 24 फरवरी के फैसले पर टिकी हैं—जिसके बाद बनभूलपुरा में हालात किस दिशा में जाएंगे, यह बड़ा सवाल बना हुआ है।




