उत्तराखण्ड
रामनगर की दचोरी रेंज में लकड़ी तस्करी का खेल बेनकाब! खाकी वर्दी पर सवाल, वन विभाग पर आरोप—कार्रवाई नहीं, पर्दा डालने की कोशिश
रामनगर।
रामनगर की दचोरी रेंज में लकड़ी तस्करी का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसने वन विभाग की कार्यप्रणाली और खाकी वर्दी की भूमिका पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। सूत्रों के मुताबिक, लकड़ी के गिल्टों से भरा एक कैंटर तस्करी के लिए ले जाया जा रहा था। इस गतिविधि की भनक स्थानीय मीडिया और कुछ जागरूक लोगों को लगी तो हड़कंप मच गया।
बताया जा रहा है कि मामले के उजागर होने के बाद वन विभाग ने आनन-फानन में लकड़ी से भरे कैंटर को वापस अपने परिसर में खड़ा तो कर दिया, लेकिन हैरानी की बात यह है कि तस्करी में कथित रूप से शामिल लोगों पर सख्त कार्रवाई करने के बजाय पूरे मामले को दबाने की कोशिशें तेज हो गईं। चर्चा यह भी है कि इस अवैध खेल में दो खाकी वर्दीधारी कर्मियों की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है, हालांकि विभाग इस पर चुप्पी साधे हुए है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर तस्करी पकड़ी गई थी तो अब तक एफआईआर, वाहन जब्ती और जिम्मेदारों पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई? सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या वन संपदा की लूट में अंदरूनी संरक्षण मिल रहा है? यदि ऐसा है तो यह न केवल कानून का मज़ाक है, बल्कि जंगलों की सुरक्षा पर सीधा हमला भी।
इस पूरे प्रकरण में पारदर्शी जांच, जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही और दोषियों पर तत्काल कड़ी कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। अब देखना यह है कि वन विभाग सच सामने लाता है या फिर तस्करी का यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।




