उत्तराखण्ड
रामनगर बोर्ड बैठक पर बवाल: आधे से ज्यादा सभासदों का बहिष्कार ऐलान, बजट प्रक्रिया पर उठे गंभीर सवाल
रामनगर (नैनीताल):
नगरपालिका परिषद रामनगर की 28 मार्च को प्रस्तावित बोर्ड बैठक अब बड़े विवाद की जद में आ गई है। आधे से ज्यादा सभासदों ने बैठक के बहिष्कार का ऐलान कर दिया है, जिससे नगरपालिका की कार्यप्रणाली और बजट प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
सभासदों द्वारा अध्यक्ष/अधिशासी अधिकारी को भेजे गए लिखित पत्र में साफ कहा गया है कि 2026-27 के बजट पर चर्चा के लिए एजेंडा तो जारी किया गया, लेकिन बजट की प्रति सभासदों को उपलब्ध ही नहीं कराई गई। ऐसे में बिना दस्तावेज़ देखे और अध्ययन किए बजट पर चर्चा करना नियमों के खिलाफ है और यह पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता पर सवाल खड़े करती है।
बजट बिना दिखाए पास कराने की तैयारी?
सभासदों का आरोप है कि जब तक बजट की प्रति सभी को नहीं दी जाती, तब तक बोर्ड बैठक में सार्थक चर्चा संभव नहीं है। ऐसे में बैठक बुलाना सिर्फ औपचारिकता निभाने जैसा है। उन्होंने इसे प्रक्रियात्मक त्रुटि बताते हुए बैठक स्थगित करने की मांग की है।
पिछले साल के कामों पर भी सवाल
पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में बिना वैधानिक अनुमोदन के कई कार्य और सामग्री आपूर्ति कराई गई, जिससे सरकारी धन की अनियमितता की आशंका है। सभासदों ने मांग की है कि इन मामलों को भी एजेंडा में शामिल कर चर्चा की जाए।
स्पष्ट चेतावनी: नियम नहीं तो बैठक नहीं
सभासदों ने साफ कर दिया है कि जब तक नियमों के अनुसार बजट प्रक्रिया पूरी नहीं होती और सभी को दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए जाते, तब तक वे 28 मार्च की बैठक में शामिल नहीं होंगे।
नगरपालिका में बढ़ेगा सियासी तापमान
आधे से ज्यादा सभासदों के इस रुख से साफ है कि रामनगर नगरपालिका में अंदरखाने असंतोष गहराता जा रहा है। यदि स्थिति नहीं सुधरी तो बोर्ड बैठक का स्थगन तय माना जा रहा है, जिससे शहर के विकास कार्यों पर भी असर पड़ सकता है।
अब नजर प्रशासन पर
सबकी निगाहें अब नगरपालिका प्रशासन पर टिकी हैं कि वह इस विरोध को कैसे संभालता है—क्या बैठक टलेगी या फिर टकराव और तेज होगा?




