उत्तराखण्ड
देहरादून में सत्यापन अभियान: 2205 लोगों की जांच, 356 पर कार्रवाई, लाखों का जुर्माना
देहरादून। राजधानी में बाहरी और संदिग्ध व्यक्तियों की मौजूदगी को लेकर प्रशासनिक हलकों में हलचल के बीच शहर और देहात में बड़े पैमाने पर सत्यापन अभियान चलाया गया। 22 और 23 फरवरी को हुए इस अभियान में कुल 2205 लोगों की जांच की गई, जिसमें अनियमितताएं मिलने पर सैकड़ों लोगों पर पुलिस एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए लाखों रुपये का जुर्माना ठोका गया।
आंकड़ों के मुताबिक, किरायेदारों का सत्यापन न कराने और नियमों की अनदेखी करने के मामलों में 249 लोगों के खिलाफ 83 पुलिस एक्ट के तहत चालान काटे गए और करीब 24 लाख 90 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया। इसके अलावा 81 पुलिस एक्ट में 107 व्यक्तियों पर कार्रवाई कर 26,750 रुपये का जुर्माना लगाया गया।
सवालों के घेरे में व्यवस्था
इतने बड़े पैमाने पर कार्रवाई इस बात की तरफ इशारा करती है कि शहर में किरायेदारों और बाहरी व्यक्तियों का रिकॉर्ड रखने की व्यवस्था अब तक कितनी ढीली रही है। सवाल यह भी उठता है कि आखिर इतने समय से बिना सत्यापन के लोग कैसे रह रहे थे और संबंधित मकान मालिकों व स्थानीय जिम्मेदारों की जवाबदेही क्यों तय नहीं हुई?
ऑपरेशन ‘क्रैक डाउन’ के नाम पर सख्ती
15 फरवरी से शुरू किए गए एक महीने के सघन सत्यापन अभियान के तहत अलग-अलग टीमों ने शहर से लेकर देहात तक दबिश देकर बाहरी व्यक्तियों की पड़ताल की। दावा किया जा रहा है कि कई ऐसे लोग मिले जिनके दस्तावेज अधूरे थे या सत्यापन ही नहीं कराया गया था।
क्या सिर्फ जुर्माना ही समाधान?
हालांकि, बड़ी संख्या में चालान और जुर्माना वसूली के बाद भी यह सवाल बना हुआ है कि क्या केवल जुर्माने से व्यवस्था सुधरेगी या फिर यह कार्रवाई महज कागजी सख्ती बनकर रह जाएगी। शहर में बढ़ते किरायेदारों और बाहरी कामगारों की संख्या को देखते हुए स्थायी और पारदर्शी सिस्टम की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही है।
आंकड़ों में पूरा मामला
सत्यापित व्यक्तियों की संख्या: 2205
83 पुलिस एक्ट में चालान: 249
83 पुलिस एक्ट में जुर्माना: ₹24,90,000
81 पुलिस एक्ट में चालान: 107
81 पुलिस एक्ट में जुर्माना: ₹26,750
स्पष्ट है कि राजधानी में बड़ी संख्या में लोग बिना सत्यापन के रह रहे थे। अब देखने वाली बात यह होगी कि यह अभियान अस्थायी सख्ती बनकर रह जाता है या फिर इससे सिस्टम में स्थायी सुधार की दिशा में ठोस कदम उठाए जाते हैं।




