उत्तराखण्ड
उत्तराखंड में नशे का काला धंधा: महिलाएं भी हो रही सक्रिय
देहरादून। उत्तराखंड में मादक पदार्थों की तस्करी और बिक्री के खिलाफ दून पुलिस का अभियान लगातार जारी है, लेकिन चिंताजनक तथ्य यह है कि अब इस गंदे धंधे में महिलाएं भी खुलकर लिप्त हो रही हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के ‘ड्रग्स फ्री देवभूमि’ विजन को साकार करने के लिए चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है, लेकिन तस्करों के नेटवर्क में महिलाओं की बढ़ती भूमिका पुलिस के लिए नई चुनौती बनती जा रही है।
ताजा मामला: 60 वर्षीय महिला तस्कर गिरफ्तार
14 जून 2026 को कोतवाली पटेलनगर पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर ब्रह्मपुरी कालाग्राउंड के पास से सुदामा साहनी (पत्नी गौरी साहनी, उम्र 60 वर्ष, निवासी निकट ट्यूबवैल नंबर 04, ब्रह्मपुरी, थाना पटेलनगर) को 1 किलो 29 ग्राम अवैध गांजा के साथ गिरफ्तार किया। अभियुक्ता के विरुद्ध मुकदमा संख्या 364/2026 धारा 8/20 NDPS एक्ट के तहत दर्ज किया गया है.
एसएसपी देहरादून के नेतृत्व में पटेलनगर पुलिस की टीम (उ०नि० प्रवीण पुण्डीर, हे०का० सुशील कुमार, का० नितिन सैनी, म०का० किरण) ने यह सफलता हासिल की।
पिछले वर्षों में महिलाओं की गिरफ्तारी का रिकॉर्ड
पुलिस रिकॉर्ड और रिपोर्ट्स के अनुसार, नशे के कारोबार में महिलाओं की भागीदारी बढ़ रही है। वर्ष 2024 में 26 महिलाओं को NDPS मामलों में गिरफ्तार किया गया, जबकि 2025 में अब तक 20 महिलाएं पकड़ी जा चुकी हैं। कई मामलों में महिलाएं न केवल छोटे स्तर पर गांजा-चरस बेच रही हैं, बल्कि स्मैक, MDMA जैसी भारी मात्रा की ड्रग्स की तस्करी में भी शामिल पाई गई हैं।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि तस्कर बड़े नेटवर्क की महिलाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं क्योंकि उन्हें कम संदेह होता है। मां-बेटी, पति-पत्नी की जोड़ियां और अकेली महिलाएं भी अब इस धंधे में सक्रिय हो गई हैं।
पुलिस का सख्त रुख
दून पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी लिंग या उम्र के तस्कर को बख्शा नहीं जाएगा। ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत सभी थाना क्षेत्रों में निरंतर चेकिंग, मुखबिर सूचना पर छापेमारी और NDPS एक्ट के सख्त प्रावधानों के तहत कार्रवाई जारी है।
समाज के लिए चेतावनी
यह प्रवृत्ति युवाओं को नशे की आग में झोंक रही है और परिवारों को बर्बाद कर रही है। देवभूमि की पवित्र भूमि को नशे के दलदल से बचाने के लिए पुलिस के साथ-साथ समाज को भी जागरूक होना होगा। नागरिकों से अपील है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
ड्रग्स फ्री देवभूमि का संकल्प अब हर नागरिक का दायित्व बन गया है। दून पुलिस का यह अभियान जारी रहेगा और ऐसे तस्करों का सफाया किया जाएगा, चाहे वे पुरुष हों या महिला।




