उत्तराखण्ड
रामनगर में युवा कांग्रेस का हल्लाबोल, स्वास्थ्य सेवाओं और IMPCL के निजीकरण के खिलाफ मंत्री सुबोध उनियाल को सौंपा ज्ञापन
रामनगर। रामनगर की स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली और मोहन स्थित इंडियन मेडिसिन फार्मास्युटिकल्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IMPCL) के निजीकरण के मुद्दे पर युवा कांग्रेस ने रविवार को विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल को ज्ञापन सौंपकर क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकारी अस्पताल की व्यवस्थाओं, डॉक्टरों की कमी और IMPCL के निजीकरण के प्रस्ताव को लेकर नाराजगी जताई। इस दौरान सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की गई।
युवा कांग्रेस नेता सुमित लोहनी ने कहा कि रामनगर का सरकारी अस्पताल लंबे समय से संसाधनों और विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी से जूझ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पर्याप्त डॉक्टर और सुविधाएं न होने के कारण मरीजों को मामूली उपचार के लिए भी हायर सेंटरों में रेफर किया जाता है, जिससे लोगों को आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
ज्ञापन में मांग की गई कि रामनगर अस्पताल में खाली पड़े चिकित्सकों और विशेषज्ञों के पदों को तत्काल भरा जाए तथा स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं।
IMPCL के निजीकरण का विरोध
युवा कांग्रेस ने ज्ञापन में मोहन स्थित IMPCL फैक्ट्री के निजीकरण का भी विरोध किया। संगठन का कहना है कि यह संस्थान क्षेत्र के सैकड़ों परिवारों की आजीविका से जुड़ा हुआ है और इसे निजी हाथों में सौंपने का फैसला स्थानीय हितों के विपरीत होगा। कार्यकर्ताओं ने सरकार से निजीकरण की प्रक्रिया को तत्काल रोकने की मांग की।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
प्रदर्शन के दौरान युवा कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। सुमित लोहनी ने कहा कि अगली बार कैबिनेट मंत्री के रामनगर आगमन पर उनका विरोध किया जाएगा और काले झंडे दिखाकर प्रदर्शन किया जाएगा।
ये रहे मौजूद
प्रदर्शन में युवा कांग्रेस विधानसभा अध्यक्ष विकाश कुमार, सभासद सचिन कुमार आर्य, सोनू करीम, चेतन पंत, शिवम बिष्ट, दीपक रावत समेत बड़ी संख्या में युवा कांग्रेस कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद रहे।




