उत्तराखण्ड
पूर्व विधायक रणजीत रावत के नेतृत्व में डीएफओ कार्यालय पहुंचे सैकड़ों ट्रांसपोर्टर और कारोबारी, प्रतिबंध की मांग
कोसी नदी के गेटों पर 10 टायरा ट्रकों को लेकर संग्राम
रामनगर। कोसी नदी के खनन गेटों पर 10 टायरा ट्रकों के संचालन को लेकर एक बार फिर विवाद गहरा गया है। सोमवार को पूर्व विधायक रणजीत रावत के नेतृत्व में बड़ी संख्या में स्थानीय ट्रांसपोर्टर, खनन कारोबारी और कांग्रेस कार्यकर्ता प्रभागीय वनाधिकारी, तराई पश्चिमी वन प्रभाग के कार्यालय पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने 10 टायरा ट्रकों के संचालन पर रोक लगाने की मांग करते हुए डीएफओ को ज्ञापन सौंपा।
पूर्व विधायक रणजीत रावत ने आरोप लगाया कि कोसी नदी के खनन गेटों से 10 टायरा ट्रकों के जरिए उपखनिज का अभिवहन नियमों के अनुरूप नहीं है। उनका कहना है कि प्रचलित खनन नीति में 10 टायरा ट्रकों से अभिवहन का स्पष्ट प्रावधान नहीं है और नदी के खनन गेटों पर ऐसे वाहनों के संचालन को पूर्व में भी प्रतिबंधित किए जाने का निर्णय लिया जा चुका है।
पहले बैठक में बनी थी सहमति, फिर कैसे शुरू हुआ संचालन?
रणजीत रावत के मुताबिक, जब स्थानीय कारोबारियों ने पहले 10 टायरा ट्रकों के संचालन का विरोध किया था, तब वन विभाग और खनन कारोबारियों के बीच संयुक्त बैठक हुई थी। बैठक में 10 टायरा ट्रकों को प्रतिबंधित किए जाने पर सहमति बनी थी। इसके बावजूद तराई पश्चिमी वन प्रभाग के अंतर्गत आने वाले नदी के गेटों पर इन वाहनों का संचालन जारी रहने का आरोप लगाया जा रहा है।
रावत ने सवाल उठाया कि यदि पूर्व में इस तरह के वाहनों के संचालन पर रोक लगाने का निर्णय हुआ था तो अब कोसी नदी के गेटों पर 10 टायरा ट्रक किस आधार पर चल रहे हैं?
स्थानीय ट्रांसपोर्टरों के रोजगार का भी मुद्दा
पूर्व विधायक ने कहा कि मामला केवल वाहनों के संचालन तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे स्थानीय ट्रांसपोर्टरों और छोटे कारोबारियों के रोजगार पर भी असर पड़ रहा है। उन्होंने पर्यावरणीय प्रभाव और स्थानीय लोगों के रोजगार को ध्यान में रखते हुए 10 टायरा ट्रकों के संचालन पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस मामले में कार्रवाई नहीं हुई तो कांग्रेस पार्टी आंदोलन को और तेज करेगी तथा उग्र आंदोलन किया जाएगा।
डीएफओ कार्यालय के बाहर जुटी भीड़
ज्ञापन देने के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, ट्रांसपोर्टर और खनन कारोबारी मौजूद रहे। प्रदर्शन में ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष रामनगर देशबंधु रावत, नगर अध्यक्ष भुवन शर्मा, ब्लॉक अध्यक्ष मालधन ओमप्रकाश, महिला कांग्रेस नगर अध्यक्ष ललित उपाध्याय, महिला कांग्रेस रामनगर ब्लॉक अध्यक्ष उषा जोशी, महिला कांग्रेस मालधन ब्लॉक अध्यक्ष पुष्पा देवी, जिला उपाध्यक्ष अनिल अग्रवाल खुलासा, कांग्रेस नेता भुवन पांडे, सभासद एडवोकेट विक्रम भट्ट, सभासद मोहम्मद अजमल और ममता आर्या समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एवं स्थानीय खनन कारोबारी और ट्रांसपोर्टर शामिल रहे।
वन विभाग की भूमिका पर भी सवाल है—यदि 10 टायरा वाहनों को लेकर पहले प्रतिबंध की सहमति बनी थी, तो वर्तमान में इनका संचालन किस अनुमति या नियम के तहत हो रहा है? इसको लेकर प्रदर्शनकारियों ने वन विभाग से स्थिति स्पष्ट करने और तत्काल कार्रवाई की मांग की है।




