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धर्म–नस्ल के आधार पर छात्रों पर हमलों के विरोध में पछास का ज्ञापन, कार्रवाई की मांग
बरेली। देशभर में धर्म, जाति और नस्ल के आधार पर छात्रों पर बढ़ते हमलों के विरोध में परिवर्तनकामी छात्र संगठन (पछास) की बरेली इकाई ने मंगलवार को राष्ट्रपति महोदया को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से सौंपा। ज्ञापन सौंपने से पहले आयोजित सभा में वक्ताओं ने हाल के दिनों में सामने आई घटनाओं पर चिंता जताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
सभा का संचालन करते हुए बरेली कॉलेज इकाई की संयोजिका निशा ने कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों में छात्रों पर धर्म, जाति और नस्ल के आधार पर हमलों की घटनाएं बढ़ रही हैं, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए गंभीर चुनौती हैं। उन्होंने हाल ही में बरेली के राजेंद्रनगर क्षेत्र स्थित एक रेस्तरां में नर्सिंग छात्रा की जन्मदिन पार्टी के दौरान हुई कथित घटना का उल्लेख किया, जहां विवाद और मारपीट की बात सामने आई। साथ ही उन्होंने बजरंग दल से जुड़े कुछ तत्वों पर आरोपों का भी जिक्र किया, हालांकि संगठन की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
निशा ने देहरादून के सेलाकुई क्षेत्र में एमबीए छात्र एंजेल चकमा के साथ हुई घटना का हवाला देते हुए कहा कि कथित नस्लीय टिप्पणी और मारपीट के बाद छात्र की उपचार के दौरान मृत्यु की खबर ने शिक्षा परिसरों में सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने क्रिसमस के अवसर पर देश के विभिन्न हिस्सों में सामने आई घटनाओं का उल्लेख करते हुए इन सभी मामलों की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
पछास के शहर सचिव कैलाश ने कहा कि संविधान सभी नागरिकों को समान अधिकार और स्वतंत्रता देता है, लेकिन जमीनी स्तर पर इन मूल्यों के उल्लंघन की शिकायतें सामने आ रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ अराजक तत्व राजनीतिक संरक्षण के चलते कानून का भय नहीं रखते, जिससे समाज में असहिष्णुता और भय का वातावरण बन रहा है।
ज्ञापन में उठाई गई प्रमुख मांगें—
छात्राओं, महिलाओं और धार्मिक अल्पसंख्यकों पर बढ़ते हमलों पर प्रभावी रोक।
अराजक तत्वों को संरक्षण देने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई।
‘लव जिहाद’ जैसे आरोपों के नाम पर छात्राओं और महिलाओं की स्वतंत्रता पर हमले बंद हों।
सांप्रदायिक गतिविधियों को बढ़ावा देने वाले संगठनों पर सख्त कदम।
कार्यक्रम शांतिपूर्ण रहा। प्रशासन ने ज्ञापन प्राप्त कर उचित स्तर पर भेजे जाने की बात कही है।




