Connect with us

Uncategorized

उत्तराखंड के अभिभावकों के लिए दर्दनाक सबक: UP के प्रतापगढ़ में लुकाछिपी खेलती 2 वर्षीय मासूम अनाइजा की बेड बॉक्स में बंद होकर दम घुटने से मौत

उत्तराखंड के अभिभावकों के लिए दर्दनाक सबक: UP के प्रतापगढ़ में लुकाछिपी खेलती 2 वर्षीय मासूम अनाइजा की बेड बॉक्स में बंद होकर दम घुटने से मौत

प्रतापगढ़ (उत्तर प्रदेश), 6 अप्रैल 2026: खेल-खेल में एक छोटी सी लापरवाही ने दो साल की मासूम बच्ची की जान ले ली। उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के रानीगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत दुर्गागंज जयरामपुर कस्बे में रविवार दोपहर लुकाछिपी खेल रही 2 वर्षीय अनाइजा बेड के स्टोरेज बॉक्स में छिप गई और भारी गद्दे-बिस्तर के नीचे दबकर दम घुटने से उसकी मौत हो गई। यह घटना उत्तराखंड के माता-पिता के लिए भी एक बड़ी चेतावनी है, जहां ग्रामीण घरों में ऐसे बेड और बच्चों के खेलने के तरीके आम हैं।
घटना की जानकारी मिलते ही पूरे कस्बे में शोक की लहर दौड़ गई। अनाइजा स्थानीय सब्जी विक्रेता शाकिर राइन की बेटी थी। परिवार के मुताबिक, रविवार दोपहर घर के आंगन और कमरों में अन्य बच्चों के साथ अनाइजा लुकाछिपी खेल रही थी। अचानक वह लापता हो गई। परिवार ने पहले उसे घर के कोनों, छत और आसपास की गलियों में खोजा। घंटों तक तलाशी चलती रही। आसपास की दुकानों के सीसीटीवी फुटेज भी चेक किए गए, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।
शाम करीब 5 बजे जब परिवार ने घर के अंदर फिर से तलाश शुरू की तो दीवान बेड का बॉक्स खोला गया। अंदर अनाइजा अचेत अवस्था में पड़ी मिली। बॉक्स पर भारी गद्दे और बिस्तर रखे होने से अंदर ऑक्सीजन की कमी हो गई और बच्ची का दम घुट गया। परिवार ने तुरंत उसे निजी अस्पताल ले जाकर इलाज कराया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
रानीगंज कोतवाल वीके सत्यार्थी ने बताया कि परिवार इसे हादसा बता रहा है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। चिकित्सकों का कहना है कि बॉक्स में लंबे समय तक बंद रहने से ऑक्सीजन की कमी के कारण मौत हुई।

उत्तराखंड के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह खबर?

उत्तराखंड के पहाड़ी और ग्रामीण इलाकों में छोटे बच्चे घरों में ही खेलते हैं। ऐसे दीवान बेड, स्टोरेज बॉक्स या पुराने फर्नीचर कई घरों में मौजूद हैं। यह घटना याद दिलाती है कि बच्चों की सुरक्षा के लिए कितनी सतर्कता जरूरी है। विशेषकर 2-5 साल के बच्चों को अकेले खेलने न छोड़ें, घर के हर कोने पर नजर रखें और ऐसे बंद जगहों को लॉक या भारी सामान से सुरक्षित रखें।
शाकिर राइन परिवार अभी सदमे में है। पूरे कस्बे में मातम छाया हुआ है। लोग कह रहे हैं कि यह हादसा सभी अभिभावकों के लिए सबक है – “खेल-खेल में सतर्कता बरतें, वरना एक छोटी सी गलती जीवन भर का गम बन सकती है।”
अभिभावकों से अपील:
छोटे बच्चों को लुकाछिपी जैसे खेल घर के अंदर अकेले न खेलने दें।
स्टोरेज बॉक्स, अलमारी या पुराने फर्नीचर के दरवाजे लॉक रखें।
बच्चों के खेलने के समय पर नजर रखें।

यह दर्दनाक घटना हमें याद दिलाती है कि बच्चों की सुरक्षा किसी भी कीमत पर सबसे ऊपर है। उत्तराखंड सहित पूरे देश में माता-पिता को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।

ADVERTISEMENTS Ad Ad Ad Ad

More in Uncategorized

Trending News

संपादक –

नाम: खुशाल सिंह रावत
पता: भवानीगंज, रामनगर (नैनीताल)
दूरभाष: 9837111711
ईमेल: [email protected]

You cannot copy content of this page