उत्तराखण्ड
भालू के हमले में घायल महिला की रामनगर में मौत, ग्रामीणों का आरोप—सूचना के बावजूद नहीं जागा वन विभाग
रामनगर। पौड़ी गढ़वाल के नैनीडांडा ब्लॉक के ढंगलगांव में भालू के हमले में गंभीर रूप से घायल हुई मंजू देवी की रामनगर के संयुक्त चिकित्सालय में इलाज के दौरान मौत हो गई। महिला का पिछले कुछ समय से अस्पताल में उपचार चल रहा था, लेकिन चिकित्सकों के प्रयासों के बावजूद उसकी जान नहीं बच सकी।
बताया जा रहा है कि ढंगलगांव क्षेत्र में महिला पर भालू ने हमला कर दिया था, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गई थी। इसके बाद परिजन और ग्रामीण उसे उपचार के लिए रामनगर के संयुक्त चिकित्सालय लेकर पहुंचे, जहां उसका इलाज चल रहा था।
ग्रामीणों का आरोप—पहले ही दी जा रही थी सूचना
मंजू देवी की मौत के बाद ग्रामीणों में वन विभाग के प्रति आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में कई दिनों से बाघ और भालू की आवाजाही की सूचना वन विभाग को दी जा रही थी। ग्रामीणों के मुताबिक, लगातार वन्यजीवों की मौजूदगी की जानकारी दिए जाने के बावजूद लोगों की सुरक्षा के लिए प्रभावी इंतजाम नहीं किए गए।
ग्रामीणों का आरोप है कि यदि समय रहते वन विभाग ने संवेदनशील क्षेत्र में गश्त बढ़ाने, वन्यजीवों की निगरानी करने और ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए होते तो शायद इस तरह की घटना को टाला जा सकता था।
मंजू देवी की मौत के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में तत्काल प्रभावी कदम उठाने, वन्यजीवों की निगरानी बढ़ाने और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
हालांकि, ग्रामीणों के आरोपों और वन विभाग की ओर से इस मामले में उठाए गए कदमों की आधिकारिक पुष्टि तथा विभाग का पक्ष सामने आना अभी बाकी है।
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