उत्तराखण्ड
महिलाओं की सेहत पर खुलकर हुई चर्चा, डॉक्टरों ने बताए स्वस्थ रहने के आसान तरीके
रामनगर। महिलाओं की सेहत को लेकर अक्सर अनदेखी कर दी जाने वाली छोटी-छोटी परेशानियां आगे चलकर गंभीर रूप ले सकती हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए ‘सेवा मेरा योगदान’ अभियान के तहत भाजपा ग्रामीण मंडल महिला मोर्चा की ओर से रामनगर में महिला स्वास्थ्य जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। शिविर में महिलाओं को स्वास्थ्य, खानपान, फिटनेस और बढ़ती उम्र के साथ होने वाले शारीरिक बदलावों को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
शिविर में स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. मीनाक्षी अग्रवाल ने महिलाओं से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं और खानपान को लेकर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बढ़ती उम्र के साथ महिलाओं में होने वाली विभिन्न परेशानियों, उनके लक्षणों और समय रहते चिकित्सकीय सलाह लेने के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने महिलाओं को अपनी सेहत को नजरअंदाज न करने और नियमित स्वास्थ्य जांच कराने की सलाह दी।
वहीं डॉ. निकुंज अग्रवाल ने शिविर में महिलाओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया और जांच के बाद उन्हें आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श दिया। शिविर में महिलाओं ने अपनी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को लेकर डॉक्टरों से बातचीत भी की।
स्वास्थ्य के साथ शरीर और मन को फिट रखने पर भी विशेष जोर दिया गया। योग गुरु श्रीमती तृप्ति शर्मा ने महिलाओं को नियमित योग, प्राणायाम और व्यायाम के फायदे बताए। उन्होंने रोजमर्रा की जिंदगी में कुछ आसान योगासनों को शामिल कर स्वस्थ और सक्रिय रहने के टिप्स भी दिए।
कार्यक्रम में विधायक दीवान सिंह बिष्ट, ‘सेवा मेरा योगदान’ के जिला संयोजक एवं जिला उपाध्यक्ष गणेश रावत, ग्रामीण मंडल अध्यक्ष घनश्याम शर्मा, पूर्व दर्जा राज्यमंत्री दिनेश मेहरा, महिला मोर्चा अध्यक्ष दीपा पांडे, महामंत्री चंपा पांडे, सारिका जोशी, नीमा पांडे, किशोरी लाल, मनमोहन बिष्ट सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी और महिलाएं मौजूद रहीं।
इस दौरान जिला संयोजक गणेश रावत ने बताया कि ‘सेवा मेरा योगदान’ अभियान के तहत नैनीताल जिले के सभी 25 मंडलों में विभिन्न जनसेवा कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। अभियान के तहत स्वास्थ्य जागरूकता के साथ-साथ वृक्षारोपण, स्वच्छता और अन्य सामाजिक गतिविधियों को भी आगे बढ़ाया जा रहा है।
शिविर का उद्देश्य महिलाओं को यह संदेश देना रहा कि परिवार की जिम्मेदारियों के साथ अपनी सेहत को प्राथमिकता देना भी उतना ही जरूरी है।




